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महाराष्ट्र में Paper Leak के बाद रद्द की गई ड्रग इंस्पेक्टर की परीक्षा, रोहित पवार का दावा- 40 लाख रुपये में बिके पेपर

 Reported By: Saket Rai Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Aug 26, 2026 08:39 am IST,  Updated : Aug 26, 2026 10:38 am IST

एनसीपी (एसपी) के नेता रोहित पवार ने आयोग से मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने इस गड़बड़ी को लेकर आयोग के अध्यक्ष से इस्तीफे की भी मांग की है।

सांकेतिक तस्वीर और एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर और एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार Image Source : PIXABAY AND PTI

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई है। इस मामले को लेकर NCP (SP) के नेता और विधायक रोहित पवार ने आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक करने वाला नेटवर्क पूरे महाराष्ट्र में सक्रिय था। ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के पेपर 40-40 लाख रुपये में बेचे गए।

पूरे सबूतों के साथ उठाया था मुद्दा- रोहित पवार

इस पूरे मामले को लेकर NCP(SP) के नेता रोहित पवार ने सोशल मीडिया प्लेटपॉर्म एक्स पर लिखा है। उन्होंने एक्स पर सीएम देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग को मेंशन करते हुए लिखा, 'महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) ने आखिरकार आज ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर लीक होने के कारण उसे रद्द कर दिया है। हमने पूरे सबूतों के साथ पेपर लीक का मुद्दा उठाया था और जांच एजेंसियों के साथ मिलकर जरूरी कार्रवाई की थी। आखिरकार आज जांच में यह बात साबित हो गया कि सच में पेपर लीक हुआ था।'

आयोग को पेपर बेचे जाने की थी जानकारी- रोहित पवार

रोहित पवार ने कहा, 'भले ही आयोग ने पेपर रद्द कर दिया है, लेकिन उनका यह कहना कि पेपर सिर्फ एक छात्र के पास था, बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। हमें मिली जानकारी के मुताबिक, असल बात यह है कि पूरे राज्य में चल रहे एक एजेंट रैकेट के जरिए पेपर 40-40 लाख रुपये में बेचे गए थे। आयोग को भी इस बात की जानकारी थी।'

सार्वजनिक की जाए जांच रिपोर्ट

एनसीपी (एसपी) नेता ने कहा, 'इस मामले को दबाने की कोशिश करने के बजाय, आयोग को जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए। जिन एजेंटों के नाम हमने दिए थे, उनका क्या हुआ? क्या आयोग का कोई व्यक्ति इसमें शामिल है? किसके संरक्षण में यह सब हो रहा है? उन्हें यह भी बताना चाहिए। अगर आयोग इस मामले को छिपाने की कोशिश करता है, तो हम चुप नहीं बैठेंगे।'

आयोग के अध्यक्ष को देना चाहिए इस्तीफा

रोहित पवार ने आगे कहा, 'आयोग में पेपर लीक होना कोई मामूली घटना नहीं, बल्कि बेहद गंभीर मामला है। यह आयोग की विश्वसनीयता का सवाल है। इसलिए आयोग के अध्यक्ष को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। सरकार को भी आयोग के अध्यक्ष पद पर किसी साफ-सुथरी छवि वाले व्यक्ति को नियुक्त करना चाहिए। सामान्य प्रशासन विभाग के मंत्रियों को भी सरकार की ओर से अपना पक्ष रखना चाहिए और राज्य की जनता को सच्चाई बतानी चाहिए।'

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